हर झटके के साथ दोनों की सिसकारियां तेज़ होने लगी थीं और मेरा लंड टाइट होने लगा था.तभी लंड ने वीर्य की पिचकारी छोड़ दी और मां की गांड भर गई. हिंदी XXX इस वक्त मेरी मां घोड़ी बनकर खड़ी थी दोनों हाथ गेहूं के ढेर में धंसे हुए थे. “Village Chudai Kahani”मां बोलीं- मैंने पहले कभी नहीं करवाया.मैंने कहा- कुछ नहीं होगा, आपको बहुत मजा आएगा.फिर मैंने कमर पकड़कर जोर से धक्का लगा दिया. दोनों अब बहुत थक चुके थे और मां की गांड लाल हो गई थी. मैं लंड पेल कर चोदने लगा.मां ‘आहहह आह आहहह मर गई मर गई …’ चिल्लाने लगीं. “Village Chudai Kahani”मां बोलीं- मैंने पहले कभी नहीं करवाया.मैंने कहा- कुछ नहीं होगा, आपको बहुत मजा आएगा.फिर मैंने कमर पकड़कर जोर से धक्का लगा दिया. मैं मां की दोनों चूचियों को सहलाने लगा, दबाने लगा और गर्दन को चूमने लगा.फिर धीरे धीरे जैसे जैसे मम्मी का दर्द कम होने लगा, माँ की कमर हिलने लगी. फिर हमने साफ साफ किया और मां के शरीर से गेहूं के दाने हटा दिए इतने में सुबह के 4 बज चुके थे और हम वापस घर आ गए. मेरे घर में मेरी माँ और मैं रहते हे. “Village Chudai Kahani”मैंने मां को वापस घोड़ी बनाया, एक झटके में पूरा लंड सनसनाता हुआ अन्दर डाल दिया और झटके लगाने लगा.















