.शी……..?आवाज निकल रही थी। मैं उसकी बूर के बालों पर ऊली फिराते हुए उसकी बूर के हाठों के पास अपनी ऊंगली को कर दबाया। वह अपनी बूर के छेद पर ऊंगली का दबाव पाकर अपनी जंघाओं को छितरा दी। उसे बूर चटवाने में जन्न में का मजा आ रहा था। उसकी बूर से पानी का श्रोत फटता जा रहा था। और उसकी बूर के रस को चाटकर मैं भी जन्नत की सैर करने लगा था। तभी मै उसकी बूर के नमकीन पानी को चुस कर पीने में मुझे अच्छा लग रहा था। मेरी मालकिन का बदन थरथराने लगा था और वह गांड़ का ऊपर उठाये हुए बुर को मंह पर दबा कर चुसवा रही थी।अपने दोस्तों के साथ शेयर करे- .शी……..?आवाज निकल रही थी। मैं उसकी बूर के बालों पर ऊली फिराते हुए उसकी बूर के हाठों के पास अपनी ऊंगली को कर दबाया। वह अपनी बूर के छेद पर ऊंगली का दबाव पाकर अपनी जंघाओं को छितरा दी। उसे बूर चटवाने में जन्न में का मजा आ रहा था। उसकी बूर से पानी का श्रोत फटता जा रहा था। और उसकी बूर के रस को चाटकर मैं भी जन्नत की सैर करने लगा था। तभी मै उसकी बूर के नमकीन पानी को चुस कर पीने में मुझे अच्छा लग रहा था। मेरी मालकिन का बदन थरथराने लगा था और वह गांड़















