खैर उधर किचन में मैंने उसके साथ कुछ चूमा-चाटी की और कुछ उसके बूब्स दबाये।उसके बाद मैं अपने रूम में आ गया और सोफिया के साथ एक और दफा चुदाई की। फिर सुबह हो गयी और मैंने पहले की तरह सोफिया के साथ मिलकर बाथ लिया और फिर वो दोनो लड़कियाँ तैयार हुईं क्योंकि उन्होंने ड्यूटी पर जाना था। उसके बाद असलम की कार में हम चारों उनके होस्टल की तरफ़ आये।वहाँ गेट पर पहुँच कर हमने उनको अलविदा किया तो पहली बार सोफिया के साथ-साथ शाजिया ने भी मुझे एक किस किया और इसके जवाब में सोफिया ने भी पहली बार असलम को किस किया और हमारा थैंक्स किया और कहा कि बहुत मज़ा आया। उसके बाद असलम मुझे यूनिट छोड़ने आया और मैं अपनी ड्यूटी में मसरूफ हो गया।खैर दिन गुज़रते रहे और हम लोग उसी तरह अकेले-अकेले चुदाई में मसरूफ थे। मेरे पास असलम की फ़्लैट की चाबियाँ थीं और मैं अक्सर सोफिया को वहाँ लेकर जाता और हम दोनों इंजॉय करते। असलम भी शाजिया को लेकर जाता और वो भी चुदाई का मज़ा लेते। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.मगर अभी तक शाजिया के साथ सिवाय किसिंग के कुछ नहीं किया और उसकी अज़ीम वजह सोफिया थी। वो मुझे शेयर करना नहीं चाहती थी। इसमें कोई शक नहीं कि मैं उसको बहुत अच्छा















