लेकिन मुझे डर भी बहुत लग रहा था कि कहीं कुछ ग़लत हो गया तो और अगर उसने माँ, पापा को बता दिया तो क्या होगा. तो वो बोला कि छी दीदी.. हिंदी XXX फिर एक दिन मुझसे बहुत बड़ा पाप हो गया लेकिन मुझे नहीं लगता कि वो पाप था लेकिन दुनिया की नज़रो में तो वो पाप ही था और वही पाप में आज आप सभी को विस्तार से बताने जा रही हूँ. एक दिन जब रात को में चूत में ऊँगली कर रही थी तो अरुण जाग गया.. में उस पर ही झड़ गयी और मैंने उसको मदहोशी में अपने दोनों पैरों के बीच में दबा लिया था और मेरी चूत का सारा पानी उसकी अंडरवियर पर निकल गया.अरुण : दीदी आप पागल हो क्या? फिर मैंने उसके लंड पर अपनी चूत का छेद रखा और में एकदम सीधी लेट गई.तो उसे और मुझे दोनों को थोड़ा थोड़ा दर्द हुआ और उसका लंड बार बार फिसल रहा था. फिर मैंने कहा कि रुक में तुझे अभी और भी पिलाती हूँ.. और फिर दूसरे दिन मैंने उससे पूरे दिन पूछा कि..में : अरुण तू इतना बिगड़ कैसे गया और तुझे कौन बिगाड़ रहा है और तुझे यह सब कौन सिखाता है.अरुण : दीदी मेरे दो तीन फ्रेंड्स है और वो सब बहुत गंदी गंदी बातें करते है.. और वो भी मेरी चूत















