म…. XXX Hindi ममी….. मुझे… धी…. मेरी तो हड्डी हड्डी दुःख रही है।तभी संतोष भी उठा और अंकिता से लिपट कर बोला: आंटी एक आख़ीर बार और चुदवा लो ना?अंकिता: मैं मर जाऊँगी बाबा, चलो अब मुझे जाने दो।फिर गोलू और संतोष ने अपनी अंकिता आंटी को बहुत चूमा और चाटा और फिर वो दोनों उसको बाहर छोड़ने आए और एक ऑटो से उसे रवाना किया। आपस में उन्होंने मोबाइल नम्बर ले लिया था, और बाद में जल्दी मिलने की भी बात हो गयी थी। अंकिता ऑटो पकड़ी और घर के लिए निकल पड़ी।अपने दोस्तों के साथ शेयर करे- अंकिता को लगा उसका पानी गिरेगा लेकिन ये क्या अंकिता ने मूत दिया, और गोलू मजे से अंकिता की चूत का मूत किसी सांड की तरह पीने लगा,संतोष: आह आंटी आपकी पिंडलियाँ कितनी नरम हैं और जाँघें भी कितनी चिकनी हैं। ऊपर से आपकी जांघो पे बाल मानो किसी पर्वत पे घास उगी हुई हो वह जाँघों को सहलाते हुए बड़बड़ा रहा था।गोलू: अब उसके चूतरों को दबाते हुए बोला: आह्ह्ह्ह्ह आंटी आपकी चूची एक दिन क्रांति ला देगी, ऊपर से कितने बड़े गोल और कितने मक्खन से चिकने चूतर हैं आपके । और वो उनको चूमने लगा। फिर वो उसके चुतर के दरार में अपनी जीभ डालकर अंकिता को सी आह ओह है हॉ करने को विवश कर दिया अंकिता करे भी क्यों न















