दोस्तों आप सब का मैं दुष्यंत फिर से सवागत करता हूँ. हिंदी XXX आज मैं तुम्हारी ऐसी पिटाई करूँगा की तुम डरोगी.”दामिनी कुछ नहीं बोली।मैंने उसे कहा” जाओ किचन से शहद और नारियल का तेल लेकर आओ.”दामिनी मेरी तरफ सवालिया नजरों से देखते हुए किचन में गई और वहां से शहद और नारियल तेल की बोतल ले आई। आज मैंने लोअर निकाल दिया। और हां दोस्तों जब से मैंने मां की चुदाई की थी तब से मैंने अंडरवियर पहनना छोड़ दिया था। मेरा लण्ड पहले से ही स्नेहा के कारण खड़ा था जो मेरे लोअर के निकलते ही किसी नाग की तरह फन-फनाने लगा। दामिनी बड़े ध्यान से मेरे खड़े लण्ड को देख रही थी।मैंने दामिनी से कहा “देख क्या रही हो आओ और घुटने के बल बैठकर मुंह खोलो.”दामिनी ने ऐसा ही किया वह मेरे सामने आकर घुटनों के बल बैठ गई और अपना मुंह खोल दिया। दामिनी को लगा कि मैं फिर से शहद लगाने वाला हूं। पर मैंने अपना लण्ड उसके मुंह के पास ले जाकर कहा “इसे पकड़ कर कुल्फी की तरह चुसो.”दामिनी बड़े आश्चर्य से मुझे देखने लगी।मैंने कहा” इसे अच्छे से चूस कर नर्म बनाओ तभी यह गले की मालिश करेगा तो दर्द कम होगा.”और आपको तो पता ही है दामिनी का दिमाग कितना है। उसे लगा जो मैं कह रहा हूं वही सनातन सत्य है। दामिनी दोनों















