वो मेरी ज़िंदगी का सबसे मनहूस दिन था.. (मैं सबसे पीछे रहे गई थी चुदाई के मामले मे..)मैं उसे हैरत से देख रही थी.. हिंदी XXX और मैं कमर उचका उचका के उसका साथ देने लगी अब मैं मस्त हो गई थी मुझे चुदने मे बहुत मज़ा आ रहा था… वो काफ़ी देर मेरी चुदाई करता रहा.. मैं अमन.. उनके जाने के बाद मेरी अम्मी के भाइयों ने भी हम से हाथ खीच लिया अब सारे परिवार की ज़िम्मेदारी मेरे ऊपर आ गई थी.. तब अम्मी ने मुझे बताया कि वो किस किस के साथ सो चुकी हैं.. वो ऑफ वाइट ड्रेस थी.. तू पागल तो नही हो गई है.नही बाजी मैं सच कह रही हूँ जब तुम घर पे नही होती तो अम्मी अपने यारों को बुला के ये सब ही तो करती है.. तभी वो मेरे सीने पे आके बोला लो मेरे इस शेर को जगा लो उसने अपना लंड मेरे मुँह के पास कर दिया मैने अपने हाथो से उसके लंड को पकड़ा उस पे उसका माल लगा हुआ था यानी वीर्य..मैने उसे मुँह मे लिया आजीब सा स्वाद था वो.. थोड़ी ही देर मे वो खूब चिकना और मोटा तगड़ा सा तय्यार हो गया.. ये मुझे अच्छा नही लग रहा है..मैं ये सब तो पहले ही पॉर्न मूवी मे देख चुकी थी..















