यह क्या कर लिया मैंने।“कैसा निकला माल. XXX Hindi नहीं नहीं अपने आप ही निकल गया. देख फ़िल्म में भी तो वो चूस रहा है।”प्रशांत सीधा हो गया। उसका लण्ड बहुत ही कड़क रहा था। मैं उसकी बगल में करवट लेकर लेट गया। उसने अपना लण्ड मेरे मुख के समीप कर दिया और मैंने अपना लण्ड उसके मुख के समीप कर लिया। मैंने उसका लण्ड अपने मुँह में ले लिया। बहुत अजीब सा लगा था।गोल गोल नरम सुपारा. फिर उसका लण्ड का डण्डा. मैं दुल्हन बन जाता हू और तू मेरी मार देना।”“साला, चुदेगा क्या.?”“अरे चल यार मान जा ना. निकाल दे माल.”फिर उसने मेरे चूतड़ दबा दिए-. पियेगा?“शराब है ना..?”“रम है रम. सुहागरात तो दुल्हन के साथ मनाते हैं !”“तो क्या हुआ. साला लण्ड फ़न्ने खां हो जायेगा !”वो आरम्भ से ही इसी तरह की भाषा बोलता था।“क्या इसमें लण्ड-चूत की फोटो है?”“अरे बाबा ले जा, इसे कमरे में देखना, ध्यान रहे किसी चूतिये के हाथ ना पड़ जाये।”मैं थोड़ा सा सतर्क हो गया, क्या है इस किताब में भला. साली मां की भोसड़ी. निकाल दे माल.”फिर उसने मेरे चूतड़ दबा दिए-. फ़ाड़ दे साली को. घर का ही तो मामला है, कुछ लगता थोड़े ही है।”मुझे उसकी बात पर हंसी आ गई। वो मुझे कई दिनों तक किताबें देता रहा। एक दिन उसके हाथ में एक पेनड्राइव थी।“देखेगा इसे.















