मेरी नजर उसपर पहले ऐसी नही थी जब वो सुबह आती.पहले तो अपने चूचियों पे दुप्पटा बांन्ध लेती ताकि ऊपर से कुछ दिखे नहीं, ये मुझे ठीक नहीं लगता था, क्यों की एक तो ऐसे ही चूत गाँव चली गई है, और साली इसकी चूचियों को देखकर भी मूठ मार लेते तो ये भी ढक लेती है. हिंदी XXX हेलो मेरे प्यारे दोस्तो मैं आज आप सब को अपनी जिंदगी की एक सच्ची और वासना से भरी कहानी सुना वाला हूँ. मेरा घर मेरे माँ पाप के घर के नजदीक ही है. उसके बाद वो थोड़ा नार्मल हुई, मैंने तुरंत अलमारी से दो हजार और निकाले, और उसको देते हुए कहा ले मैंने कहा ना कभी किसी चीज की कोई कमी नहीं होगी. दोस्तों मैं तुरंत ही उसके ऊपर वाला कपड़ा उतार दिया और ब्रा भी खोल दिया. फिर मैंने मेडिकल से उसके लिए दर्द का टेबलेट दिया. दोस्तों मैं तुरंत ही उसके ऊपर वाला कपड़ा उतार दिया और ब्रा भी खोल दिया. मैंने कहा ठीक हो जायेगा. तो चूत के दर्शन पिछले 8-9 महीने से नहीं हुए है.मैं अपनी बीवी से बहुत प्यार करता हूँ इसलिए इधर उधर मूह नही मारना चाहता हूँ. वो बोली आज तक मैंने कभी गांड में अपने पति का लंड नहीं लिया है.मैंने कहा तू मेरा लंड ले बहूत मजा आएगा.















