मेरा नाम सोनाक्षी सिंह है। मेरे ग्रेजुएशन के एक्साम खत्म हो गये थे इसलिए मेरा बुआ के घर जाने का बहुत मन कर रहा था। मैंने मम्मी से जिद की तो उन्होंने मुझे बुआ के घर भेज दिया था। यहाँ आकर मैं बहुत खुश थी। मेरी बुआ का घर पंचगनी में पड़ता है। यहाँ पर घूमने की एक से एक बढ़िया जगह है। कई पहाड़ है जो बहुत खूबसूरत है। Chut Sahlane Laga Bhaiयहाँ का मौसम भी बहुत अच्छा रहता है। हमेशा ठंडा मौसम रहता है। मेरी बुआ और फूफा मुझे बहुत प्यार करते थे। मेरे आते ही वो बहुत खुश हो गयी थी। मेरे लिए तरह तरह के पकवान वो बनाने लगी थी। बुआ की २ लड़कियाँ सोना और श्रृष्टि तो मेरी बहने लगती थी जिससे मेरी बहुत दोस्ती थी।उनका लड़का धीरज भी बहुत मजाकिया था। वो मुझसे उम्र में २ साल बड़ा था। मैं २३ साल की थी और धीरज 25 साल का था। वो बहुत ही मजाकिया और हंसोड़ था। मुझे चाट खाना बहुत ही पसंद था इसलिए धीरज रोज शाम को मुझे अपनी बाइक पर बिठाकर चाट खिलाने ले जाता था।बुआ के घर पर तो मेरी पिकनिक ही मन रही थी। एक रात हम चारो भाई बहन – मैं, सोना, श्रृष्टि और धीरज देर रात तक टीवी देखते रहे। फिर हम सो गए। धीरज सुबह के पांच बजे मेरे कमरे















