तुम्हारी तरह मुझे भी तो लण्ड चाहिये….जाओ खेलो, और जिन्दगी की मस्तियाँ लो….” और अपने कपड़े उतार कर मेरी जगह लेट गई। अपूर्व उसके बगल में लेट चुका था। मैंने अपनी ड्रेस पहनी और कमरे से बाहर आकर स्टूल लगा कर बैठ गई… अन्दर वासनायुक्त सिसकारियाँ गूंजने लगी थी… शायद मेट्रन की चुदाई चालू हो चुकी थी। मेरी धड़कन अब सामान्य होने लगी थी। मुझे लगा कि बस… ऊपर वाले ने हमारी नौकरी बचा ली थी। मेट्रन अन्दर चुद रही थी… और हम बच गये थे… वर्ना ये चुदाई तो हम दोनों को मार जाती।अपने दोस्तों के साथ शेयर करे- तुम्हारी तरह मुझे भी तो लण्ड चाहिये….जाओ खेलो, और जिन्दगी की मस्तियाँ लो….” और अपने कपड़े उतार कर मेरी जगह लेट गई। अपूर्व उसके बगल में लेट चुका था। मैंने अपनी ड्रेस पहनी और कमरे से बाहर आकर स्टूल लगा कर बैठ गई… अन्दर वासनायुक्त सिसकारियाँ गूंजने लगी थी… शायद मेट्रन की चुदाई चालू हो चुकी थी। मेरी धड़कन अब सामान्य होने लगी थी। मुझे लगा कि बस… ऊपर वाले ने हमारी नौकरी बचा ली थी। मेट्रन अन्दर चुद रही थी… और हम बच गये थे… वर्ना ये चुदाई तो हम दोनों को मार जाती।अपने दोस्तों के साथ शेयर करे- तुम्हारी तरह मुझे भी तो लण्ड चाहिये….जाओ खेलो, और जिन्दगी की मस्तियाँ लो….” और अपने कपड़े उतार कर मेरी जगह लेट गई।












