कामसूत्र का देसी तरीका

यह मेरी पहली और सच्ची कहानी है.. XXX Hindi वैशाली का रंग ज्यादा गोरा भी नहीं था,सुंदर रूप था उसका 36-34-36 शरीर 60 किलो था. सोचते हुए कब मुझे निंद लगी पता नहीं चला सुबह आठ बजे उठकर सिर्फ अंडरवियर पे कसरत कर रहा था की दरवाजे की बेल बजी.मैंने दरवाजा खोला तो वैशाली आकर मुझे लिपट कर रोने लगी कुछ मिनीट बाद उसके आंसु पुछे और कहा क्या हुआ तो उसने कहा मैं भी आपको चाहती हूं आप से प्रेम करती हूं,तो मैंने भी उसको बाहों में ले लिया वैशाली के पीठ पर हाथ फिराने लगा मेरा 8 इंच लंबा और 3 इंच जाडा लंड लोहे की तरह सलामी दे रहा था.तब वैशाली थोड़ी दूर हुवी और मुझे देखा की मैं अंडरवियर हुं और लंड खडा है तो वैशाली पलट कर दीवार के पास मुंह छुपा कर खडी हो गई. उसने खिचकर मुझे रास्ता बनाया जब उसकी गांड चाटने लगा तो मुझे बहुत नशा चढने लगा मैं और जोर जोर से गांड चाटने लगा, चाटने के बाद वैशु मेरे लंड पर टूट पड़ी.और उसे अपने मुहं में लेकर ज़ोर ज़ोर से पागलो की तरह चूसने लगी और मैंने अपनी आँखे बंद कर ली और उसका मज़ा लेने लगा। फिर वो बेतहाशा मेरे लंड को चूसती जा रही थी और करीब 10 मिनट के बाद वो उठी तो उसका पूरा जिस्म कांप रहा था

कामसूत्र का देसी तरीका

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