मेने उनसे फिर कहा प्लीज़ आप गन्दी बात न करे इधर मेरी चूत को दर्द भी हो रहा था और मज़ा आनंद भी आ रहा था.और वे मुझे ऐसे ही लम्भी लम्बी और धीरे धीरे शोट मरते हुए मेरी एक चूची को रगड़ ते हुए और दूसरी चूची कि गुंडी(निप्प्ल) को मुंह में ले कर चूसने लगे मेरा दर्द अब बंद हो गया और चूत में चींटिया रेंगेने लगी और में पूरी कामुक हो गयी थी जी चाह रहा था की में भी उनसे दिल खोल कर चुद्वाऊ लेकिन मेरे जेठजी होने के कारन में चुप थी और शर्म भी आ रही थी.जेठजी ने अब स्पीड बड़ा दी और लम्बे लम्बे शोट मरने लगे और मेरी चूचियों को जोर से रगड़ने व चूसने लगे मेंने भी अब जोर जोर से सिसकारी लेने लगी उई उई उई माँ माँ माँ……. मेने उनको अन्दर आने कहा और वो अन्दर आये, मेने उनसे पूछना जरुरी नहीं समझा और कुछ नहीं पुछा जैसे ही अन्दर आये और सीधे गेस्ट रूम में चले गए.मेने डोर बंद किया और किचेन में खाना गरम करने और मेने खाना गरम कर के खाने के टेबल के ऊपर रखा. XXX Hindi जब मेने अपना हाथ हटाने कि कोशिश कि तो जेठजी ने मेरी चूची कि गुंडी को हाथ मे लेकर जोर जोर से मसलने लगे.मेने उनके सामने देखा और बोली अब मुझे छोड़















