तभी गुप्ता ज़ोर-ज़ोर से हंसने लगा और उसने बताया कि ये लोग मेरे आजमगढ़ के दोस्त है और तुम्हारे साथ आज जो भी हुआ है वो सब मुझे पता है और मैंने ही ये सब प्लान किया था, क्योंकि तुमने मेरा बहुत मज़ाक बनाया था और मुझे बेइज़्ज़त किया है, मेरी खिल्ली उड़ाई है और मैंने इन सबका बदला लिया है. फिर मैंने बस स्टैंड से ऑटो किया और होस्टल पहुँच गया और रूम खुलवाया. हिंदी XXX फिर मैंने सोचा कि अब में नहीं बचूँगा तो में बोला कि दो मिनट रूको फिर करना. फिर मैंने झट से उसकी ब्रा उतार फेंकी, क्या मस्त शेप में उसकी चूची थी?अब उसके निप्पल बिल्कुल खड़े हो गये थे और मैंने उन पर अपने दांतो से हल्का-हल्का काटना शुरु कर दिया था, जिससे वो और उत्तेजित हो रही थी. कि कितना मज़ा आता है.फिर धीरे-धीरे मैंने उसकी चूचियाँ दबाना शुरू कर दिया, वो बहुत नरम और मुलायम थी और मेरे हाथ लगते ही उसकी सिसकारियां निकलने लगी थी और वो और जोश में आने लगी थी. यही सब ख्याल मुझे रात भर सताते रहते थे और में सिर्फ़ छुपकर अपने रूम पार्टनर से चिपक कर मुठ मारकर सो जाता था और दिल में एक चिंता लिए हुए था.मेरे कॉलेज में बहुत सुंदर-सुंदर लड़कियां है, लेकिन में थोड़ा शर्मीले स्वाभाव का हूँ, इसलिए कभी किसी से जाकर बात















