मैं उस वक्त १०वि में थी. हिंदी XXX दर लग रहा था की कहीं हम दोनों आशिकों को देख न ले. शाहिद ने मेरी टाई निकाल दी. शाहिद मेरे दूध से खेलता रहा. हम दोनों अब जबरदस्त चुम्बन करने लगे. जब उसने देखा की वहाँ बाहर कोई लड़की नहीं है, वो धीरे से बाहर भाग गया.कुछ देर बाद मैं भी निकल आई. इसलिए उसने मुझको नंगा नहीं किया. मैंने बड़ी देर तक अपने सनम का लंड चूसा.अब शाहिद ने मुझको जरा पीछे कर दिया, चूत सामने आ गयी. उसने मेरी बड़े घेरे वाली स्कर्ट ऊपर उठा दी. लडके तो बिंदास होते है, टेंशन तो बस लडकियां की करती है.मेरे दोनों मम्मो को जी भर के पीने और मेरे नीबू का सारा रस निचोड़ने के बाद अब शाहिद मुझको चोदना चाहता था. दर लग रहा था की कहीं हम दोनों आशिकों को देख न ले. हमारे मैथ के सर आने गए. मैं सिस्कारियां बड़ी धीरे धीरे ले रही थी , की कहीं कोई स्टूडेंट सुन न ले. मेरी उपर की गलाबंद वाकी बटन भी उसने खोल दी.वो मेरे गले पर सब जगह चुमने लगा. मेरी सांसे और धडकन तेज हो गयी. न की मेरे कपड़े उतारे. हम दोनों ने अपने अपने कपड़े ठीक कर लिए. अब जब ये बाट साफ थी की मेरा यार मुझको स्कूल की इसी टोइलेट में चोदेगा तो अब कैसा शर्माना.शाहिद















