you are so gorgeous!!” बोलकर मेरे जेठ देव ने मेरी टांगो और घुटनों पर हाथ लगाना शुरू कर दिया। फिर किस करने लगे। उपर बढ़ते रहे और मेरी खूबसूरत मांसल गुदाज जांघो पर हाथ फिराने लगे। फ्रेंड्स, बड़ा कामुक अंदाज था ये। मेरी जांघे बहुत ही खूबसूरत थी।सफ़ेद और बिलकुल चिकनी तराशी हुई। फिर देव उस पर चुम्मा पर चुम्मा लेने लगे। “अई…..अई….अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी….आप कितने अच्छे है जी!!….हा हा हा…” मैं कहने लगी। मेरी जांघो पर उनके हाथ इधर उधर नाच रहे थे। फिर जल्दी ही उन्होंने मैक्सी को मेरे पेट तक उपर उठा दिया। मैंने पिंक कलर की हल्की सी तिकोनी पेंटी पहनी थी। “Jeth Ka Sexy Lund”मेरी चूत की झलक जेठ जी को उपर से पारदर्शी पेंटी से दिख गयी थी। कुछ ही सेकंड में उनके हाथ मेरी चूत पर पहुच गये और उपर से नीचे तक मेरी चूत को सहलाये जा रहे थे। फिर मेरे पेट से वो खेलने लगे। उसके बाद माहोल इतना गर्म गया की हम दोनो को अपने कपड़े उतारने लगे।“निशा!! हिंदी XXX देव के कपड़े इस्त्री कर दो!” मेरी सास बोली.“पर माँ जी सब्जियां कौन काटेगा???” मैं बोली.“मैं काट लूँगी” सास बोली.मैं अपने जेठ जी देव के कमरे में चली गयी। जैसे ही कपड़ो को इस्त्री करना शुरू किया देव आ गये और पीछे से मेरी कमर में हाथ डाल कर सहलाने लगे।“क्यों जेठ जी!!















