ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.फिर मैंने अपना कार्यक्रम चालू किया और अपना मुँह मामी की चूत पर ले गया, वहाँ से हल्की-हल्की गंध मेरी नाक में आने लगी. वहां धीरे-धीरे ठंडी हवा चल रही थी, मुझे जल्दी ही नींद आ गई.रात के 1 बजे अचानक मेरी आँख खुली शायद मुझे ज़ोर की पेशाब लगी थी. XXX Hindi फिर क्या था? और झट से मैंने अपना 7 इंच लंबा और 2 इंच मोटा लंड खोलकर मामी के सामने कर दिया.ये देख पहले तो मामी ने नाटक किया और फिर उसकी आँखों में भी मैंने सेक्स की चमक साफ देखी और हिम्मत करके लंड को उसके होठों तक ले गया. “Mami Garam Jism Sex”मामी सहम सी गई और बोली ओह ऐसी बात है. फिर में छत के एक कोने में पेशाब करने लगा जहाँ नीचे पानी निकलने के लिए पाईप लगा था.फिर में अपनी जगह पर आकर बैठ गया और एक नज़र मामी की तरफ देखा तो चाँदनी रात में मामी गहरी नींद में थी और दोनों पैरो को मोड़ रखा था और हवा की सरसराहट से मामी की साड़ी घुटने पर आ गई थी. उसने भी लॉलीपोप समझकर चूसना शुरू कर दिया, फिर 5 मिनट के बाद हम दोनों 69 की पोज़िशन में आ गये और एक दूसरे का चाटने और चूसने लगे.फिर 10 मिनट के बाद लंड और















