उन्होंने अपनी दोनों आँखे बंद कर ली थी और अब मेरे दोनों हाथ उनके बदन को मसल रहे थे.दोस्तों मुझे उनके बूब्स के बीच की वो सेक्सी दरार बिल्कुल पागल कर रही थी. आंटी अब तक अपनी वो चीखने, चिल्लाने की आवाज को अपने गले में दबा रही थी, लेकिन जब मेरी चुदाई की स्पीड बढ़कर जानवर जैसी हो गई थी तो आंटी भी अपना चीखना, चिल्लाना और करहाना रोक नहीं पाई.अब हम दोनों के बदन एक दूसरे पर घिस रहे थे. हिंदी XXX उस वक्त उन्होंने असमान के जैसे नीले रंग की जालीदार साड़ी पहनी हुई थी और उनका ब्लाउज भी बिल्कुल वैसा ही था. मुझे उनके मेरी छाती से छूने पर एक अजीब सा अहसास हो रहा था और मेरे लंड के नीचे की गोलियां आंटी की चूत के नीचे लग रही थी.अब कुछ देर बाद थोड़ा थोड़ा दर्द तो मुझे भी हो रहा था, लेकिन में उस जवानी के जोश में आंटी को लगातार ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चोद रहा था और आंटी आखिरकार अपना चीखना, चिल्लाना रोक नहीं पाई और अब हर एक धक्के पर वो चीख रही थी और बीच बीच में अपने उस दर्द से करहा भी रही थी.फिर कुछ देर के बाद आंटी की चूत से धीरे धीरे पानी निकल रहा था और अब मेरा लंड भी गीला हो गया था.















