मैं अपना ब्लाउस खोल रही हूँ। तुम आज अच्छे से मेरे स्तनों को पीना” दामिनी कहने लगी.“जरुर बेबी” मैंने जवाब दिया.मेरी किस्मत तब चमकी जब वो अपना ब्लाउस खोली। फिर ब्रा भी उतार दी। उसने अपनी अंडरआर्मस को अच्छे से क्लीन कर रखा था। रूम की ट्यूबलाईट की रोशनी में उसके स्तनों कुछ जादा ही चमकीले दिख रहे थे। मैं भी चुदासा हो गया और कस कसके हाथ से दबाने लगा। आटे की तरह गूथने लगा।मेरी बुआ की लड़की “……अई…अई….अई…..इसस्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….”करने लगी। फ्रेंड्स जब 3 साल पहले मैंने उसे चोदा था तब उसके दूध का साइज सिर्फ 32” होता था। अभी कुछ ही सालो में 36” हो गया था।उसके सन्तरो की क्या तारीफ़ करूं मैं कितने बड़े बड़े और मुलायम थे। जितनी जादा दामिनी गोरी थी उससे कही अधिक उसकी रसीली चूचियां सफ़ेद थी। मैं मुंह में लेकर काट काटकर चूसने लगा। फॉरप्ले करने लगा। बुआ की लडकी की चूत कामरस से गीली होने लगी।“मेरे नर्म नर्म संतरे तेरे ही है अनुपम!! हिंदी XXX मैं अपना ब्लाउस खोल रही हूँ। तुम आज अच्छे से मेरे स्तनों को पीना” दामिनी कहने लगी.“जरुर बेबी” मैंने जवाब दिया.मेरी किस्मत तब चमकी जब वो अपना ब्लाउस खोली। फिर ब्रा भी उतार दी। उसने अपनी अंडरआर्मस को अच्छे से क्लीन कर रखा था। रूम की ट्यूबलाईट की रोशनी में उसके स्तनों कुछ जादा ही चमकीले दिख रहे थे। मैं भी















