धर्मेश बोला। उसने मुस्कान को अपने पास खीच लिया। उसकी चूड़िया खनकने लगी। धर्मेश ने मुस्कान का हाथ पकड़ लिया और अपने पास बेड पर बैठा लिया। धर्मेश ने मुस्कान को बाँहों में भर लिया। और उसके गालों पर चुम्बन लेने लगा। मेरी बीवी मुस्कान शरमा गयी।अरे भाभी! हिंदी XXX वैभव बोला। और मेरी बीबी मुस्कान की बड़ी सी चूत चाटने लगा। मुस्कान अब गरम् होने लगी। वैभव अपनी खुदरी जीभ से मुस्कान की बुर पी रहा था। जैसै उसने आज तक किसी औरत की बुर नही पी थी।भाई! क्या गजब की लग रही हो? ऐसै मजा नही आ रहा है! लगी रहो! खुलकर चोदो मेरी बीवी को! मैंने कहा।भाई पहले मैं भाभी की गुझिया चाट लूँ! मैंने कहा। हम सब कमरे में आ गए। बत्ती बन्द हो गयी और 2 हल्की रोशनी वाले नाईट लैंप जला दिए गए। मैंने सारे पर्दे अच्छे से लगा दिए। हम सभी सफेदपोश आदमी थे, जो रात के अंधेरे में काला काम कर रहे थे। अगर किसी को इसकी भनक लग जाति तो हम सब किसी को मुँह नही दिखा पाते।धर्मेश बिस्तर पर बैठ गया भाभी इधर आओ! शरमाओ मत! चट चट चट! चट चट चट! सुरुवात तेरे से ही होगी! वैभव बोला।धर्मेश भी यही कहने लगा। मैंने अपनी बीवी मुस्कान से बात की। वो राजी हो गयी। फिर क्या था। संडे नाईट को मेरी बीवी 3 मर्दों















