.अहह्ह्ह्हह..” सुधा चीख रही थी।मनीष तेज तेज उसकी रसीली चूत में ऊँगली अंदर और बाहर करता रहा और किनारे से जीभ लगाकर चूत पीने लगा। मेरी छिनाल बीबी अपनी गांड और चुतड उठाने लगी। ये देखकर मनीष को मजा आ गया। “ले रंडी…..आज मेरी ऊँगली से ही पहले चुदवा ले। बाद में मेरा लंड खा लेना!!” मनीष बोला और उसने यौन तेज्जना में सुधा के गाल पर २ ४ चांटे कस कसे मार दिए।सुधा को आज मार खा खाकर चुदने में खूब मजा आ रहा था। मनीष तेज तेज ऊँगली सुधा की चूत में करने लगा और किनारे जीभ लगाकर चूत से निकलता माल चाटने लगा। कम से कम १ घंटे तक तो यही खेल चला। मनीष ने अपने लंड से चोदने से पहली मेरी बीबी को अपनी २ लम्बी उँगलियों से ही चोद लिया।चुदते वक़्त सुधा के दूध बिलकुल तन गये और नारियल जैसे नुकीले नुकीले हो गये। मनीष उसे घप घप पेलने लगा। सुधा की एक एक पसली उसे साफ साफ दिख रही थी। मनीष उसको दोनों पलती पलती सफ़ेद चिकनी जांघ को पकड़ कर उसे चोद रहा था। सुधा की पसलियाँ और कमर उपर नीचे जा रही थी।उसकी कमर की एक एक हड्डी मनीष को साफ़ साफ दिख रही थी। सुधा को डर लगा रहा था की कही उसका १२ इंच का लंड उसके पेट के अंदर ना घुस















