मैं सचिन को अगले दिन ऑफिस बुलाया.‘देखो सचिन!! सर बोले. XXX Hindi हाथ की उँगलियों में तरह तरह की चांदी, सोने और रत्नों की अंगूठियाँ. उसकी रबड़ी सी मुलायम खाल को मैं खूब हैवानित से चुटकी लेकर काट लिया. मैंने साधना की तरह देखा. ६ सेल्स एक्जीक्यूटिव मैंने भर्ती कर लिए. सोफे की दीवाल से लगाकर मैंने उसको बिठा दिया. दोस्तों, मैंने उसी कतार पर अपनी जीभ रख दी.साधना को गुदगुदी होने लगी. ५ फुट ४ इंच की पतली दुबली लडकी थी वो. आ ना..! साधना अभी नयी नयी है. फिर मैंने हेड सर को फोन लगाया.‘हेलो हाँ सर रविन्द बोल रहा हूँ. नाभि में जीभ से गुदगुदी करने लगा. उन्होंने फिर साधना को आंख मारी और जाम पिलाने को कहा. मैं किराये पर एक प्रोपर्टी ले ली और अच्छा ऑफिस बना लिया. मैं साधना के दोनों कंधे पकड़ के अपने पास खींच लिया और उसके नीले लिपस्टिक लगे होंठों पर मैं ओंठ रख दिए. २ महीने में उसने कोई बिजनेस नही दिया है. फेसिअल भी करवा दिया. साधना मजबूर थी.उसकी अपने पति की नौकरी बचाने थी. २ महीने में उसने कोई बिजनेस नही दिया है. मैं उसके पुरे जिस्म में हर जगह दांत काटता रहा.उसके चूचकों पर सिक्के जैसे ठप्पे को मैंने खूब पिया.















