.अहह्ह्ह्हह..” मैं चिल्ला रही थी।मैं पूरी तरह से नंगी थी और दोनों घुटनों को खोलकर मैं मालिक के सामने बिस्तर पर लेती हुई थी। आधे घंटे से मालिक मेरी रसीली चूत पी रहे थे। मैंने उनके बालो को बड़े प्यार से सहलाए जा रही थी। उनकी खुदरी जीभ मेरी नाजुक चूत को बार बार छेड़ रही थी। मेरे भोसड़े से अब रस निकलने लगा था। साफ था की मैं अब चुदवाने को पूरी तरह से रेडी हो चुकी थी।मालिक ने मेरी चूत में झुक कर थूक दिया और मेरे दोनों पैर उपर कर दिए। मेरी गांड के नीचे उन्होंने २ बड़ी गद्देदार तकिया लगा दी और अपना ११ इंची मोटा लंड उन्होंने मेरी कुवारी चूत पर रख दिया। फिर लंड को हाथ से पकड़कर वो बड़ी देर तक मेरी चूत पर उपर नीचे घिसते रहे, सायद सही समय का वो इंतजार कर रहे थे।कुछ देर बाद उन्होंने अपना लौड़ा मेरी चूत के छेद पर रख दिया और लंड को पकड़कर तेज अंदर की तरफ धक्का दिया और मेरी सील टूट गयी।“…..ही ही ही ही ही…..अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह…. XXX Hindi हा हा हा.. ओ हो हो….” मैं सिसकने और कराहने लगी।कुछ देर के लिए मेरी आँखों में अँधेरा छा गया था। मुझे तो लग रहा था की मैं मर चुकी हूँ। पर फिर मालिक की प्रेम चोपड़ा जैसी तस्वीर मेरे सामने थी। वो जोर जोर जोर















