फिर वो वहीं ज़मीन पर बैठे बैठे टीवी देख रही थी टीवी देखते देखते मुझे कब नींद लगी पता नहीं चला जब नींद खुली तो 4 बज रहे थे.मैने देखा कि वो भी पेट के बल लेट कर सो रही थी और गहरी नींद मे थी उसका घाघरा उसके चुतड़ो से उपर सरक गया था मैने ध्यान से उसके चूतड़ को देखा तो हाई क्या गजब के मोटे थे उसने पॅंटी नहीं पहनी थी बहुत ही मस्त चुदास लग रहे थे उसके चूतड़ देखते ही मेरे लंड ने कस कर झटका मारा और तन गया.खेर हिम्मत करके मैने उसके चूतड़ पर हाथ रखा वो कोई भी हरकत किए बिने पड़ी रही मेरी और हिम्मत बढ़ी मैने उसके चुतड़ो को मसल्ने लगा और उसकी गंद की दरार मे बीच की उंगली से सहलाने लगा तो उसने अपनी गांद सिकोड ली मैं समझ गया कि वो जाग चुकी है और सोने का नाटक कर रही है.उसकी साँसे लंबी चलने लगी अब मे समझ गया था आज यह अच्छे से मुझसे चुद्वायेगि मे भी अब खूब ज़ोर ज़ोर से मसल्ने और सहलाने लगा वो ज़ोर ज़ोर से सिसकने लगी उसके सिसकने की आवाज़ सुन कर मुझे और भी जोश आ रहा था मैने उसके बाए हाथ की हथेली को लुंगी के उपर से लंड पर महसूस किया.मैने झट से अपना लंड निकाल कर उसकी मुति















