निशा के चेहरे को मैंने एक बार देखा. हिंदी XXX मैंने निशा की बुर पर झुक गया और पीने लगा. उसके छोटे आकार के मम्मे जोर जोर से हिलने लगे. मैंने निशा की कमर पर दोनों तरह से अपने हाथ रख दिए. मैंने निशा को फिर से गले लगा लिया. निशा को मैंने अपने लौड़े पर बिठा लिया. निशा को मैंने अपने लौड़े पर बिठा लिया. सायद् वो शर्म कर रही थी.उसका मुँह लाल लाल हो गया था. मैंने उसकी बुर को ऊँगली से खोला तो वो चुदी हुई थी. मैंने निशा की एक टांग को उपर उठा दिया. निशा का चेहरा देखने लायक था. उसके होंठ ही अच्छे खासे सुन्दर थे. वो जोर जोर से मेरे लौड़े पर कूदने लगी. मैंने इस बार भी शानदार प्रदर्शन किया और जमकर निशा की चूत मारी. निशा का मस्त मस्त छरहरा बदन मेरे सापने आ गया. वो मस्ताती रही.मैं उसको लेकर एक झाडी में दुबक गया. इस तरह एक नया पोज मिला और जादा गहरी पहुच निशा की बुर में मिलने लगी. भौहें और आखें दोनों मिलकर एक जबरदस्त कॉम्बीनेशन बनाती थी.जो लड़का एक बार निशा को देख लेता था वो पलट के उसे दुबारा जरुर देखता था. मैंने निशा की बुर का खूब जीभरके भोग लगाया.















