नदी.. XXX Hindi मेरे जैसा सुख पहुँचाने वाली। यहाँ दूसरी नहीं है। क्या तुम..। उसने पुनः अपने उन्नत उरोजों को उभारते हुये कहा – भोग करना चाहोगे।मैं एक अजीव चक्कर में पङ गया। दरअसल उससे सम्भोग करने का मतलब था कि अपने दिमाग को उसे रीड करने देना। और लगभग दस परसेंट प्रेतभाव का फ़ीड हो जाना। और सम्भोग नहीं करने का मतलब था कि उसका रुष्ट हो जाना। तो जो जानकारी मैं उससे प्राप्त करना चाहता था। उससे वंचित रह जाना। मैंने फ़ैसला लेते हुये बीच का रास्ता अपनाया। और उसे पेङ के नीचे टेकरी पर गिराकर उसके उरोजों से खेलने लगा।पहले तुझे कभी नहीं देखा..। किस लोक का प्रेत है तू? शान्त.। बाबा ने बीच में ही हाथ उठाकर कहा – ये बताने की आवश्यकता नहीं है कि इसे क्या परेशानी है। और कैसे हुयी। और क्या होगा ?फ़िर बाबा मुझसे एक गुप्त भाषा में बात करने लगे। जिसका मतलब ये था कि मुझसे एक गलती हो गयी थी। वो ये कि मुझे किसी एक हिम्मती पुरुष को साथ लाना था। जो तमाम कार्यक्रम के क्रियान्वन के दौरान सुलेखा को संभाले रहता। दरअसल एक विशेष ट्रान्स विधि द्वारा मुझे बाबाजी के साथ “किनझर” नामक प्रेतलोक में जाना था। जहाँ की एक प्रेतकन्या टिंकू को ले गयी थी।अब ये बङी रहस्यमय हकीकत थी कि टिंकू यहाँ एक चलती फ़िरती लाश के रूप में















