तो मैंने कुछ नहीं किया।अगले दिन मैं अपनी सहेली बबिता के साथ शॉपिंग करने मार्किट गई थी। उस वक्त मिशा स्कूल गई हुई थी और दिव्यांक भी अपने कोलेज गया था, दोनों को वहाँ से आने में पांच बज जाते हैं और मेरे पति सुधीर को भी ऑफिस से आने में आठ बज जाते हैं।अब दिव्यांक के साथ भी मुझे मुश्किल से टाइम मिल पाता था क्योंकि वो सुबह कॉलेज चला जाता था और शाम को ही आता था। तो दोपहर का समय मुझे अकेले ही काटना पड़ता है इसलिए मैं टाइम पास करने के लिए बबिता के साथ मार्किट चली गई।बबिता मेरे घर के नजदीक ही रहती थी तो हमारी आपस में बहुत अच्छी बनती थी। बबिता दिखने में सुन्दर है, उसकी उम्र कुछ 35 साल है और एक अच्छे फिगर की मालकिन है। हम लोग आपस में बहुत खुले हुए है और हम दोनों के बीच हर तरह की बातें होती हैं।शॉपिंग करने के लिए हम लोग एक अच्छी साड़ी की शॉप पर गये थे। वो शॉप बबिता के किसी दोस्त की ही थी। मैंने काली साड़ी पहनी हुई थी जो कमर से बहुत नीचे बंधी हुई थी और स्लीवलेस ब्लाउज पहना था जो लो कट था।दुकान पर सब मुझे ही घूर रहे थे। मेरे मम्मों और नंगी कमर पर सबकी निगाहें अटकी हुई थी जिसे मैं बार बार नोटिस










