मैंने उनके होठ छोड़ दिए. पर मैं नहीं माना और दीदी का एक निप्पल चूसने लगा और चबाने लगा. XXX Hindi तब मैंने दीदी के दूध को नकोटते हुए कहा क्या मादरचोद बहनचोद की लौड़ी नहीं चूसोगी.मैंने एक थप्पड़ मारा और दीदी घबरा गयी और तुरंत मेरे लंड को हाँथ में लेकर चूसने लगी अभी सिर्फ सुपाड़े को मुँह में लिए थी. मैंने उनके होठ छोड़ दिए. फिर हम साथ में नहाये और एक दूसरे को खूब चूमा चाटा और दोपहर का खाना खाने के लिए बैठ गए.अपने दोस्तों के साथ शेयर करे- दीदी मेरे से बोली चलो ज़ू चलते हैं वही खाना खायेंगे. मैं नहीं चूसूंगी. और दीदी ने पैंटी उतर दी और मैं उसे सूंघने लगा मुझे उसमे से बुर की महक आयी तो मैं बोला- क्या शानदार खुशबू है और दीदी की नाक के सामने से उन्हें सूंघने लगा.दीदी भी अपनी महक से मदहोश हो गयी और ऑंखें बंद करके बोली कुछ कर ना भाई. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.और मैं दीदी से चिपका लेता रहा मैं थक गया था. फिर मेरा हाथ अपने दूध पर रह कर दबा दिया.मैं उससे खेलने लगा दबाने लगा सहलाने लगा. दीदी मेरे सर पर हाथ फिरा रही थी.










