तो में भी अब धीरे धीरे मदहोश हो रही थी और मैंने झट से हाथ अपने दोनों हाथों को ऊपर कर दिया और उसने मेरा टॉप निकालकर दूर फेंक दिया.फिर वो मेरे 36 साईज़ के बड़े बड़े बूब्स को घूरने लगा तो मैंने कहा साले हरामी कहीं का, तू केवल घूरता ही रहेगा या दबाएगा या चूसेगा भी? लेकिन में वर्जिन थी इसलिए बहुत दर्द हो रहा था और पता नहीं खून भी कितना निकाला.लेकिन में उस दिन के पहले तक सच में वर्जिन थी और मुझे इस चुदाई में बहुत दर्द हो रहा था, लेकिन में बिल्कुल चुप रही. हिंदी XXX तो हम लोग एक दूसरे को नॉर्मली जब भी मौका मिलता बहुत अच्छे से मिलते और अपने मज़े मस्ती में व्यस्त रहते थे. क्योंकि उसके पहले मेरे साथ ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था कि मेरी चूत गीली हुई थी और ना ही मुझे इसका मतलब पता था.फिर उसके हाथों से मेरे बूब्स को छूने पर मेरा यह हाल हुआ था. तो मेरे मन में ऐसी खलबली हुई कि जैसे में एकदम पागल हो जाउंगी. और दूसरी बार उसने मुझे टेबल पर लेटाया और मेरी जमकर चुदाई की और एक बार मुझे बेड के साईड में लेटाकर मेरे पैर को उठाया और फिर से चोदा.दोस्तों इसके बाद में उसकी रांड बन गई जो उससे चुदवाने के लिए हर पल पैर फैलाने के










