और बेटी तुम भी तो एक पेक पी लो। अपने लिए भी पेक बनाओ।तभी दिव्या पहले झिझकी लेकिन फिर दूसरे ग्लास में दारू डालने लगी और जब पेक बन गये तो योगेन्द्र ने बहू को गोद में बैठा लिया और अपने हाथ से पिलाने लगा। फिर वो कहने लगी कि पापा जी जब में पी लेती हूँ तो मेरी कामुकता बहुत बड़ जाती है और में अपने होश में नहीं रहती।तभी योगेन्द्र मुस्कुरा कर बोला कि बेटी आज होश में रहने की ज़रूरत भी नहीं है और मुझे ज़रा अपने दूध पी लेने दो। ऐसी कड़क बूब्स मैंने आज तक नहीं देखी है और योगेन्द्र वो बूब्स चूसने लगा। जिसको कभी उसका बेटा चूसा रहा था।तभी ग्लास ख़त्म हुआ तो योगेन्द्र मस्ती में भर गया और उसने अपनी बहू को अपने सामने खड़ा किया और अपने होंठ उसकी फूली हुई बूर पर रख दिए और पेंटी के ऊपर से ही किस करने लगा। दिव्या कहने लगी कि पापा जी क्या एसे ही करते रहोगे या फिर बेटिंग भी करोगे? XXX Hindi और बेटी तुम भी तो एक पेक पी लो। अपने लिए भी पेक बनाओ।तभी दिव्या पहले झिझकी लेकिन फिर दूसरे ग्लास में दारू डालने लगी और जब पेक बन गये तो योगेन्द्र ने बहू को गोद में बैठा लिया और अपने हाथ से पिलाने लगा। फिर वो कहने लगी कि पापा जी जब










