Didi Boob Pressएक दिन मेरे मां और पापा दोनों शादी में गए हुए थे, मेरे घर में बस चार लोग ही है, मैं और मेरा भाई मम्मी पापा, आज घर पर मैं और मेरा छोटा भाई गीतेश था, हम दोनों खाना खाके सो गए, हम दोनों का अलग अलग कमरा था, मेरी एक आदत है या यु कहिये की एक बीमारी है, जब मैं सोती हु.करीब आंधे घंटे तक अपने बूब को प्रेस करती हु, जब तक बूब को नहीं दबाती और बूर में ऊँगली डाल डाल के पानी पानी नहीं कर देती तब तक मुझे नींद नै आती, उस रात को मैं काफी कामुक हो गयी थी, मेरे चूत में काफी खुजली होने लगी, मैं हौले हौले से सहलाने लगी, पर धीरे धीरे वैचेन हो गयी.मैं रसोई में गयी वह एक बैगन था, मैंने उस बैगन से अपने चूत में घुसाने लगी पर किस्मत ने साथ नहीं दिया और बैगन के दो टुकड़े हो गए. XXX Hindi Didi Boob Pressएक दिन मेरे मां और पापा दोनों शादी में गए हुए थे, मेरे घर में बस चार लोग ही है, मैं और मेरा भाई मम्मी पापा, आज घर पर मैं और मेरा छोटा भाई गीतेश था, हम दोनों खाना खाके सो गए, हम दोनों का अलग अलग कमरा था, मेरी एक आदत है या यु कहिये की एक बीमारी है, जब मैं सोती हु.करीब


