चूत विर्य से भरी पड़ी थी. XXX Hindi अंजू और स्वामीजी एक दूसरे में सामने की कोशिश कर रहे थे. पहली बार लंड मुँह में गया था, रागिनी तो निहाल हो गयी. चूत फिर लंड माँगनें लगी. देखो अंजू कैसी मस्ती कर रही है.`रागिनी नें उधर देखा. उसे मालूम नही था कि लंड की चुसाइ इतनी मस्त होती है.रागिनी ज़ोर ज़ोर से लंड चूसने लगी. रागिनी आज और लंड लेने के लायक नहीं है. वो बात अलग है की उसकी चुदाई नें उसे मस्त कर दिया था अंजूकी आँखों के आगे आनंद की चुदाई घूम गई जो उसनें पीछे से की थे, लगता था जैसेचूत फॅट ही जाएगी.स्वामी जी नें कोमल की तरफ देख कर कहा , ये कौन है?` `स्वामीजी ये मेरी ननद है, कॉलेज में पढ़ती है छुट्टियो में घर आई है ये भी आपसे चुदवाना चाहती है आपको कोई ऐतराज तो नही`नहीं मुझे कोई ऐतराज़ नहीं. मगर स्वामीजी ने उसे हिम्मत बँधाई, ` डरो मत तुम्हारी दीदी अभी ठीक हो जाएगी. हम से दो कदम आगे.`अंजू शर्मा गयी, और चेले की तरफ देख भी नहीं सकी.स्वामी जी बोले, ` अंजू, वक़्त कम है, क्या कहती हो. अंजू गरम थी. ..आआआआ आआआ`.उधेर स्वामीजी भी झाड़ गये,`आबीयेयेयीयायग गग्ग्घगया …..अंजू तुम्हारी बेहन बड़ी सेक्सी है…….आआअहह हह`. बकरी को एक दिन तो हलाल होना ही था.















