पापा मेरी शादी में कोई कोर-कसर नहीं रखना चाहते थे। मैं उनकी इकलौती बेटी जो हूँ और पापा ने अपनी सारी सरकारी नौकरी में इतना माल बनाया था कि खर्च करते नहीं बन रहा था। हमारी शानो-शौकत देखने लायक थी, कम तो साहिल का परिवार भी नहीं था, साहिल दो-दो फैक्ट्री के मालिक थे देशभर में उनका बिजनेस फैला था। Sachhi Sexy Ghatnaचूंकि शादी दो बड़े घरानों के बीच हो रही थी इसीलिये शायद इंदौर क्या मध्य प्रदेश की कोई बड़ी ऐसी हस्ती नहीं थी जो मेरी शादी में शामिल नहीं हुई। मैं तो बचपन से ही बहुत सुन्दर थी और आज शादी वाली रात मुझे सजाने के लिये ब्यूटीपार्लर वाला ग्रुप मुम्बई से आया था।उन्होंने मुझे ऐसा सजाया कि देखने वालों की नजरें बार-बार मुझ पर ही जम जाती। साहिल भी बहुत सुन्दर लग रहे थे। 5 फुट 10 इंच लम्बाई के चौड़े सीने वाले साहिल किसी हीरो से कम नहीं लग रहे थे। देखने वाले कभी हम दोनों को राम-सीता की जोड़ी बताते तो कभी राधा-कृष्ण की।शादी के बाद मैं मायके से विदा होकर ससुराल में आ गई। मन में अनेक प्रकार की खुशियाँ घर करने लगी थी। साहिल को पाकर को मैं जैसे धन्य ही हो गई थी। एक पल के लिये भी मुझे अपने 23 साल पुराने घर को छोड़ने का मलाल नहीं था। मैं तो साहिल के















