मेरी ब्रा और पेंटी पारदर्शी हो चुके थे। तभी उसने अचानक से अपनी अंडरवियर को उतार दिया और कहने लगा कि थोड़ा इसको भी साबुन लगा दो।में : क्या मम्मी तुम्हारे साथ ऐसा भी करती है?जिग्नेश : हाँ मम्मी मेरे पूरे बदन को साबुन लगाकर अच्छे से साफ करती है।तो में भी उसकी गांड और लंड में साबुन लगाकर रगड़ने लगी और फिर थोड़ी ही देर में उसका लंड खड़ा होने लगा।में : तुम यह क्या हो रहा है?जिग्नेश : मालूम नहीं आंटी.. XXX Hindi इसी वजह से में छोटी छोटी कपड़े पहनती हूँ.. क्योंकि अभी गर्मी का टाईम है और मुझे बहुत गर्मी लगती है.. वो मेरे पास आ गया और में उसको बहुत चूमने लगी और उसका लंड सहलाने लगी।जिग्नेश : क्या आंटी मुझे दूध पिलाओगे?में : क्यों नहीं बेटा आओ अभी पिलाती हूँ?में कुछ करने से पहले ही उसने मेरी चूची को दबाया और ब्रा से बाहर कर दिया। फिर चूची से खेलने लगा। में पागल हो रही थी और मैंने अपनी ब्रा उतार दी.. जिग्नेश अब तुम बाहर जाओ में अभी आती हूँ। तो वो बाहर चला गया और में नहाकर टावल लपेटकर बाहर आई और मैंने बेडरूम में आकर देखा तो वो अभी भी नंगा बैठा था।जिग्नेश : आंटी में क्या पहनूं? लेकिन ऐसा तो रोज होता है.. इसी वजह से में छोटी छोटी कपड़े पहनती हूँ..















