उसकी दोनों चूचियाँ मेरे सीने पे चिपक गया.करीब दो मिनट बाद वो निचे उतरी और मेरे लंड को अपने मुह में ले के सारा माल जो लगा हुआ था चाट रही थी, फिर वो अपने कपडे पहन के साड़ी ठीक कर के बाहर चली गयी और मैं दरवाजा सटाते हुए ऊपर चली गयी, ये कहानी आज दोपहर की ही है. हिंदी XXX मेरा लंड बड़ा और मोटा हो गया, वो चूसने लगी और मैं सोने का नाटक करने लगा. पहले तो वो दरवाजा खटखटाई, जब मैं नहीं खोला तो वो अंकुर अंकुर करते हुए अंदर आ गयी, मैं सिर्फ जाँघिया पहन के लेट रहा था बेड पे.मैं जिम भी जाता हु इस वजह से मेरी काफी अच्छी बॉडी है, जब वो अंदर आई तो मुझे देख के रूक गयी और निहारने लगी. Padosan Antarvasnaमें दिल्ली में रहकर पढाई करता हु, मैं दोपहर को क्लास से आया और अपने कमरे में लेट रहा था, तभी ऊपर बाली भाभी आयी. मैं कुछ भी नहीं बोला और पैर फैला दिया.फिर उनको मैं अपने होठ को अपने दातो में दबाते हुए देखा, और मेरे लंड को कस के पकड़ ली, फिर वो जाँघिया को थोड़ा निचे कर के मेरे लंड को आज़ाद कर दी और मुह ले ली.















