मैंने बोला की कहाँ कहाँ लगी है उसने बोला कमर और पर पे.. मैंने बोला ठीक है.. हिंदी XXX एक और फिंगर घुसा दी..और उसकी आवाजें और तेज हो गयी.इतने मैं वो उठी और मेरे मुँह को पकड़ कर मुझे स्मूच करने लगी.मैं भी पूरे आस मैं था. और नीचे.. और लगातार 20 – 25 मिनट तक उससे धक्के मरता रहा.. और नीचे.. आपने मुँह मैं ले लिया और सकिंग करने लगी. तो उसने बोला नहीं वो नहीं.मैंने बोला की मैं तुम्हें मालिश कर देता हूँ..पहले तो उसने ना ना की पर मेरे बड़ा समझने पर मान गयी. मैं मान ही मान खुश था कि अब मैं और मेरी दिया अकेले हिंज घर पे..और अगले दिन आंटी न अंकल.शिमला चले गये.. मैं तेल थोड़ा गरम कर के ले आया.और उससे लेटने को बोला.वो स्टमक के बाल लेट गयी.और मैंने बोला की सैंडल उतरो तुम्हारे पैरों पर तेल लगाना है.. उसने मेरे लिया खाना लगाया.. आक्च्युयली वो जगह गयी थी.पर उसने मुझे रोका नहीं.. मेरा हाथ उसके बेक पर और उसके बूब्स मेरे आस थे..मैंने देखा उसकी बूब्स दिख रहे थे जो की उसकी आगे के हिसाब से बहुत बारे थे.और मैं उन्हें देखता रहा..और अपना हाथ उसके बेक से हटा काट उसके बूब्स पर रख दिया. खैर कुछ दीनों बाद मेरे आंटी न अंकल को किसी काम से बहरा जाना पड़ रहा था..















