मैं खामोश थी क्यूंकि मैं अपने मरीज से चुदवा रही थी. मैं किसी मुर्गी की तरह अपने दोनों पैरों को फैलाये हुए थी. हिंदी XXX अपना मोटा सा लौड़ा उसने मेरे दोनों मम्मों के बीच में डाल दिया. मैंने कुछ नही कहा. मैं तिलमिला गयी. फिर मेरे होंठ वो पीने लगा. पर एक दिन वाजिद मेरी क्लिनिक पर आ गया. मैं एक बहुत ही सताई हुई औरत हूँ. मुझे तो बड़ा मजा आया दोस्तों. उसके मोटे लौड़े को मैं अपनी योनी को साफ साफ महसूस कर सकती थी. ये सुनकर आपका दिल दहल जाएगा और आपकी आँखें खुल जाएँगी. मेरी पैंटी बहुत कसी थी. कुछ देर तक वो मेरे होंठ पीता रहा. उसके घर में उसकी बीबी, और ८ बच्चे थे. वाजिद अली के साथ मेरी चुदाई पूरी की पूरी रिकॉर्ड हो गयी थी उस कैमरे में. वाजिद अली ने मेरी साड़ी उपर उठा दी. वाजिद मस्ती से मेरे दूध पी रहा था. उसने तुरंत अपनी पैंट खोल के अपना बड़ा सा लौड़ा निकाला. मेरे पति ने मुझको धक्के मारकर घर से निकाल दिया.जा छिनाल, अगर तुझे अब उस मरीज से ही चुदवाना है तो उसी के पास जाकर अपना मुँह काला कर !! फिर मेरे पति ने मुझ पर लात, घूसों की बौछार कर दी. मैं वाजिद!! उन दिनों में मेरी मेरे मोहल्ले में तूती बोलती थी.पुरे मोहल्ले में मेरा घर ही दो















