नही!!और मेरे सारे शब्द मेरे हलक में ही अटक कर रह गए। फिर वो मेरे पास आ कर बगल में लेट गई, मेरे बाल सहलाने लगी और मेरे होंठ चूमने लगी, इस तरफ वो बाल सहला रही थी और दूसरी तरफ मेरा कड़क होते चला जा रहा था।फिर उसके बाद आंटी बोली- अब जो तेरे साथ होने वाला है वो तू जिंदगी भर याद रखेगा।मैंने कहा- देखते हैं, आप क्या करती हो? तू भूल पायेगा इस दिन को?और मेरा जवाब था- नहीं भूल पाऊँगा।मैंने फिर आंटी से कहा- अब तो खोल दो!तो आंटी बोली- अभी तो और बाकी है न! हिंदी XXX इतने दिन से दिखा नहीं, यह बता कि घर कब आने वाला है? ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.और फिर उन्होंने मेरे ही तकिये के नीचे से हाथ डाल कर कंडोम का एक पैकेट निकाला उसे फाड़ कर मेरे खड़े लण्ड पर लगाया और मैं कुछ समझता उसके पहले ही खुद की नाइटी ऊपर करके चूत को मेरे लण्ड पर टिकाया और एक झटके में मेरा पूरा लण्ड उनकी चूत के अंदर था। उस झटके में हम दोनों के ही मुंह से एक आह निकल गई थी।उसके बाद आंटी ने मुझसे कहा- अब भी तेरी ना ही है क्या?मैंने कहा- नहीं!मेरी नहीं का मतलब समर्पण ही था पर आंटी ने तब उसे मेरा इनकार समझा था। उसके
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गर्म भाभी का चोखा चाट रहा है देवर, देखो कैसे कर रहा है मजा
Actors:
Diya / Tsubhajitsar
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