और उनको इतना कहकर मैंने उनके बूब्स को ज़ोर से दबा दिया और फिर उन्हे मैंने बिना देर किए तुरंत अपने मुहं में ले लिया, तो माँ ने कहा कि लेकिन इसमे दूध कहाँ है?यह शब्द कहते हुए उन्होंने मेरे मुहं में से अपनी निप्पल को छुड़ाकर वो उठी और दूध का गिलास उठाकर उन्होंने मेरे मुहं से लगा दिया। अब मैंने थोड़ा सा दूध पिया और गिलास को लेकर बाकी बचा हुआ दूध पीने के लिए मैंने माँ के मुहं में लगा दिया और माँ ने भी थोड़ा सा दूध पीकर मुहं से गिलास को हटाते हुए कहा कि मैंने पहले ही दूध पी लिया था.और इस बीच थोड़ा सा दूध छलकर माँ के बूब्स पर जाकर गिर गया और में उसको अपनी जीभ से चाटने लगा। अब तो माँ अपने हाथ में उस गिलास को लेकर अपने दोनों बूब्स पर धीरे धीरे करके बारी बारी से दूध को गिराती रही और में मज़ा ले लेकर उनके निप्पल को लगातार चाटता चूसता गया और बूब्स को चाटने से माँ के सारे बदन में सुरसुरी होने लगी और वो पूरी तरह से गरम हो चुकी थी.और इस बीच थोड़ा सा दूध नीचे की तरफ बहकर माँ की नाभि से होता हुआ उनकी चूत तक पहुंच गया। अब मेरी जीभ उस टपकते हुए दूध को चाटते हुए धीरे धीरे नीचे आ रही थी










