तो मैंने कहा स्वाति तुम? XXX Hindi फिर उन्होने मेरी तरफ गुस्से से देखा मैं डर गया,वो घुमी और मुझे खीच केअपने उपर किया और मेरे लंड को हाथ मे पकड़ क अपनी बूर क छेद पे रखा.मैं समझ गया अब इससे बर्दाश्त नहीं होगा, मैने ज़ोर से धक्का मारा और आधा अंदर गया, बूर गीली थी पर टाइट भी थी इतनी दिन से चूदि नहीं होगी ना, मैं धक्के पे धक्के मरता रहा 10 मीं बाद उन्होने कहा अंदर अपना माल मत निकालना, जब मेरा निकलने वाला हुआ तब मैने अपना लंड बाहर निकाला और वो मूह मे लेकर चूसने लगी. कुछ देर बाद मैं उनके मूह झड़ गया.वो तो पहले ही 3 बार झड़ चुकी थी,फिर हम वैसे ही सोए रहे नंगे,सुबह व होने वाली थी,हम दोनों एक दूसरे को पकड़ के सो गया, सुबह जब नींद खुली तो उनकी बेटी के आवाज से, वो खिड़की से झांक के देख रही थी और मम्मी मम्मी चिल्ला रही थी, उसने हम दोनों को नंगे देख लिया.फिर आंटी फटा फट नाइटी पहन के दरवाजा खोली, उनकी बेटी अंदर आई और बोली यहाँ रात भर क्या चल रहा था मम्मी, उसकी मम्मी और मैं एक दूसरे का मुह देख रहे थे, आंटी बोली कुछ भी नहीं बस वो मेरा मालिश कर रहा था मैं बाथरूम में गिर गयी थी. स्वाति वह खड़ी होकर पूछ रही थी















