‘ऐ अनामिका! चाचा का मकान बनना शुरू हो गया. हिंदी XXX मेरे चाचा मेरे काम से बहुत खुश थे. मैंने अनामिका की १ इंची दरार वाली चूत में अपना मोटा लंड डाल दिया. जब अनामिका मना करने लगी तो मुझे काफी गुस्सा लग गयी.‘एक मैं हूँ की तुम्हारा मकान बनवाने के लिए अपना खून पसीना एक कर रहा हूँ. जरा भी आसान काम नही था. फिर मुझे बड़ी जोर की चुदास चढ़ी. कितना अजीब था ये. इसके साथ ही सबसे बड़ा आकर्षण था अनामिका से रोज मिलने को मिलेगा.मैं अनामिका को पटाये हुए था. कितनी अजीब बात थी. ये बात मैं जानता था.उस नये कमरे में जहाँ अभी ५ फुट ऊँची दीवाल ही उठ पायी थी वहीँ कुछ खाली सीमेंट की बोरीयां पड़ी थी. मैं जीभ लगा लगाकर आज फिर से उसकी चूत पीने लगा. क्या तेरा चुदवाने का दिल नही करता है??”‘करता है.’‘अच्छा आगे चलकर तो तेरी शादी हो जाएगी. पर मेरा लंड तो पूरा का पूरा अंदर ले ही लेती थी. गोल गोल मुड़कर मेरे लौड़े की खाल पीछे आ गयी.मेरा सुपाडा अब गहरे गुलाबी रंग का हो गया था. इस समय मैं जन्नत में टहल रहा था. जब मैं पेशाब कर रहा था तो लंड में थोड़ी जलन हो रही थी.















