मेरा नाम प्रशांत है. वो बेहोश होने लगी क्योंकि वो अब मेरे साथ चुदाई करते करते बहुत थक चुकी थी. हिंदी XXX तो उन्होंने मुझसे कहा कि हमारे रूम तक भाभी की रोने और चीखने चिल्लाने की आवाज़े आ रही थी और फिर में उनकी पूरी बात सुनकर वहां से भाग गया.दोस्तों मेरी शादी के 6 महीने हुए है और एक दिन भी ऐसा नहीं गया जिस दिन मैंने उसकी ठुकाई ना की हो, रविवार को में उसे दिन में तीन बार चोदता हूँ. फिर मैंने उसके पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया और वो सिर्फ़ अब काली कलर की पेंटी में थी मुझसे अब रहा नहीं गया और अब मैंने उसकी पूरी पेंटी को एक ही झटके में फाड़ दिया.वो अब मेरे सामने पूरी नंगी हो गई थी और फिर मैंने देखा कि उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था, मैंने पूछा तो उसने मुझसे कहा कि उसे पहले से पता था कि आज उसकी चुदाई का दिन है इसलिए उसने आज ही साफ किए है.अब में उसकी चूत पर टूट पड़ा और कुत्ते की तरह उसकी चिकनी, प्यासी, चूत को चाटने लगा और चूसने लगा. वो बेहोश होने लगी क्योंकि वो अब मेरे साथ चुदाई करते करते बहुत थक चुकी थी.















