मैंने आपको बता नही सकती हूँ. बलविंदर ने एक एक करके कपड़े निकाल दिए और मुझे अपनी बाहों में भर लिया. XXX Hindi चाय पीने के बाद बलविंदर ने मुझे अपने पास ही बिठा लिया और मेरे हाथ पर अपना हाथ रख दिया.धीरे धीरे हम दोनों भाई बहन से प्रेमी प्रेमिका बन गयी. उसने कंडोम अपने लौड़े से निकाल लिया. मैंने वो फोटो चूम ली. दूसरी शाम को बलविंदर मेरे काम में धीरे से बोला “जैस्मिन!! बाद में मेरे दूध पी लेना. फिर वो मेरे खूबसूरत होठ पीने लगा. मैंने उसके लौड़ा को अपने कोमल हाथों से ले लिया और धीरे धीरे मसलने लगी. बलविंदर ने वो कंडोम निकालकर फेक दिया.“भाई!! फिर मैं कपड़े पहन कर अपने कमरे में चली आई. मैं हँसने लगी. वो मेरी जवान था और २४ साल का था. उसने मेरा दर्द नही देखा , ना ही मेरी चीख पुकार सुनी. देखने में बिलकुल पटाका लगती हूँ. बलविंदर ने एक एक करके कपड़े निकाल दिए और मुझे अपनी बाहों में भर लिया. मैं किसी चुदासी छिनाल की तरह नही दिखना चाहती थी. मैंने कहा ‘रहने दो भाई…मेरी गांड मत मारो. सच्चाई में अंदर से मैं भी यही चाहती थी. मेरी अभी उम्र ही क्या थी.मेरी मौसी का लड़का बलविंदर मेरे दूध को हाथ लगाने लगा. करीब ४० मिनट बाद मेरा दर्द कम हो गया. मैं भी मजे से दबवाने लगी















