एक साल होने पर मैंने पाने भैया को बुलाई, उनकी शादी नहीं हुई थी.मुझे लगा की क्यों ना मैं इनसे सेक्स सम्बन्ध बना लु. मैंने कहा भैया देर मत करो, मैं तीन बार झड़ चुकी हु. XXX Hindi गांड में घुसाने लगा और फिर घुसा दिया, वूू उफ्फ्फ आह क्या मजा आ रहा था. मैं खुद ही पहल किया और आँचल निचे गिर दी पलंग पर ताकि मेरी चूचियों का दीदार हो जाये हुआ भी ऐसा ही.ऊपर से मेरी चूचियाँ मेरी टाइट ब्लाउज और ब्रा से बाहर निकलने को आ रही थी. पर क्या करूँ ये सब तो सपना हो गया था, शादी के बाद मैं अपने पड़ोस के ही एक भैया थे अरविन्द खूब मजे लिए थे, वो चूत क्या गांड भी खूब मारे थे.शादी के रात को मेरा पलंग सजा हुआ था, मैं घुंघट लेके बैठी थी, पति देव आये, बैठे हकला हकला के बात करने लगे. गांड में घुसाने लगा और फिर घुसा दिया, वूू उफ्फ्फ आह क्या मजा आ रहा था. साला ये आदमी तो पागल निकला, अब मैं करती क्या. पति का ध्यान गया मैंने गले लगा के उनके छाती को अपनी चूचियों से गरम कर दिया वो धीरे धीरे मेरे पीठ को सहलाते हुए चुम्मा लेने लगे.















