अब मेरा उसके बिना जीना असंभव लग रहा था क्योंकि फ़ोन मिलाता, वो फ़ोन नहीं उठाती, मैसेज का रिप्लाई नहीं देती। मेरे दिमाग में सिर्फ एक डर था कि मैं उससे खो न दूँ।उसके अगले दिन, क्लास में वो पहला दिन था जब वो मेरे बगल में नहीं बैठी। मैंने उससे ‘सॉरी’ कहा, पर वो नहीं सुनना चाहती थी और मुझे इग्नोर करके चली गई। पहली बार मेरी आँखों में किसी लड़की के लिए आँसू आए। उस दिन मेरी रात नहीं कट रही थी। मैं उठा और उसके हॉस्टल के बाहर जाकर खड़ा हो गया।मैंने उसे मैसेज किया कि जब तक तुम मुझे माफ़ नहीं करोगी.. हिंदी XXX पर मैंने रिक्वेस्ट की और कहा- अब तो दीपाली ने हमें नंगे, ऐसी पोजीशन में देख ही लिया और उसे भी पता है कि यहाँ क्या होने वाला है.. हमने दरवाज़ा लॉक ही नहीं किया था।वो बोली- आवाज़ धीरे निकालो.. वो ब्रा नहीं पहने हुई थी।अब वो मेरे सामने लोअर में थी उसकी चूचियां बहुत बड़ी तो नहीं.. मुझे देख कर मुस्कुराई और फिर उसने मुझे कॉल किया और कहा- गेट वाली दीवार पर चढ़ जाओ।मैंने कहा- कुछ गड़बड़ तो नहीं होगा ना?सोनाक्षी ने कहा- डर तो मुझे भी बहुत लग रहा है.. इतनी देर की चुदाई जो मजा दिया था। मैंने अपनी एक साइड जगह बनाते हुए दीपाली को बोला- आओ इधर लेट जाओ। वो










