बजा दे गाण्ड का बाजाऽऽ आ ऽऽ ह !”रेशमा की आंखों में दोगुना नशा था, एक तो विकाश की पिलाई हुई व्हिस्की का, और दूसरा उसकी गाण्ड में फ़ंसे हुये एनाकोन्डा का… !रेशमा बिस्तर के सामने लगे आईने में देख कर रण्डी नम्बर एक जैसे भाव दिखा रही थी।“हाय और मारो राजा, मेरे चोदू छैला, जोर से मारो मेरी गाण्ड, हाय रे तेरा मस्त लौड़ा, मैं तो हारामजादे रण्डी बन गई, हाय विकाश मुझे गालियाँ दे ! हिंदी XXX फिर मुकर मत जाना?” विकाश अपने एमाकोन्डा जैसे लण्ड को हाथ में लेकर गरूर से बोला।“मुकर भी जाऊँ तो भी तुम मुझ पर रहम मत करना, एक राण्ड की तरह फ़ोड़ना मुझे !” रेशमा इठलाती हुई बोली।“हाय मेरी रण्डी यह हुई बात, चल झुक जा भेन की लौड़ी, तेरी गाण्ड में मेरा लण्ड घुसे तो चैन आए !” यह कहते हुये रेशमा को फ़र्श पर खड़ा करके बेड पर पर उसे झुकाते हुये लण्ड को गाण्ड के छेद पर प्यार से टिकाया।“अब तक कितने लण्ड पिलवाये हैं गाण्ड में मेरी रानी?”“हाय राम , अब क्या कहूँ मैं, जिससे भी चुदवाती हूँ, हर एक ने मेरी को बजाये बिना नहीं छोड़ा… ““मैं भी नहीं छोड़ने वाला रण्डी, मां की भोसड़ी… ” कहते हुये विकाश ने जो करारा थाप मारा कि पूरा लण्ड बिना थूक या तेल के गाण्ड में चाकू की तरह धंस गया।आह्ह्ह्ह की चीख















