तो मैंने भी उनको सभी बातें बताते हुए अपना सर दर्द होने का बहाना बनाया और में अपने कमरे में जाकर लेट गया. हिंदी XXX मेरा नाम अरुण है और में 19 साल का हूँ. तो मम्मी उनकी इस बात का मतलब समझकर मुस्करा पढ़ी और फिर मम्मी बेड पर एक कुतिया वाली पोज़िशन में सेट हो गयी.मौसा जी उठे और उन्होंने पास की ड्रेसिंग टेबल से तेल की एक छोटी बोतल को उठाया और उससे थोड़ा तेल निकालकर अपने लंड पर लगा लिया. मैंने देखा कि मेरी मम्मी और मेरे दूर के मौसा जी एक ही बेड पर एक ही चादर में पूरे नंगे एक दूसरे से लिपटे हुए पडे थे.उनके पास में एक टेबल पर बियर की बॉटल पढ़ी हुई थी और उसके साथ में एक गिलास और कुछ नमकीन भी रखे हुए थे. फिर में अपने कुछ दोस्तों से मिला और उनको अपने घर पर जाने की बात बताई.मैंने अपना बेग पेक किया और दोपहर की बस पकड़कर में अपने शहर चल पड़ा. दोस्तों में यह सब देखकर समझ गया कि मम्मी की अब गांड चुदाई होने वाली है मेरा लंड यह सब बातें सोचते ही एक बार फिर से धीरे धीरे खड़ा होने लगा था.और उधर मौसा जी ने मम्मी के गोल गोल, गोरे गोरे विशाल बेदाग चिकने फुटबॉल जैसे चूतड़ो पर प्यार से हाथ घुमाया और फिर उन्हे चूमा















