लेकिन कुछ नही हुआ। फिर ऑखें खोली तो वो वहा नही था. अब मैं मन ही मन मुस्कुराई अपने प्लान पर और उठ खड़ी हुई. हिंदी XXX आ.. नज़दीक आकर उसने अपने दोनो हाथ उठाए और मेरे फैले हुए गीले बालो मे पसारते हुए हाथों को दोनो कान पर रखा. तब दोनो हथेलियों के बीच उसके लंड को लेकर उसे रग़ड डाला, जैसे हम लस्सी बनाते समय घूमाते है. मेने शर्माने का ढोंग किया और अपने रूम मे जाकर हुक को ठीक तरह से लगा कर वापस आ गयी. थोड़ी देर मे उसके लंड से फव्वारा उड़ा और वो शांत हुआ.उस रात मैने सातवें दिन का प्लान बना लिया. थोड़ी देर चूसा और देखा की इसे कोई ज़रूरत नही है, तो उसे नीचे चूत की और धकेल दिया.मैं वापस लेट गयी। उसे मेरे ऊपर खींच लिया. मेरे सिने की धड़कने तेज़ हो गयी।मेरे संस्कार कह रहे थे, मुझे तुरंत वहाँ से हट जाना चाहिए. बड़े ज़ोर से चोदा. थोड़ी देर मे उसके लंड से फव्वारा उड़ा और वो शांत हुआ.उस रात मैने सातवें दिन का प्लान बना लिया. जैसे पढ़ने लगा, वो उत्तेजित होने लगा. किसी मर्द की बाहों मे चूर चूर होने का नशा तो कोई औरत ही समझ सके.वो मुझे पिसता रहा, और होंठ चुसता रहा. दूसरे दिन से मैने ऐसा ही लो कट मगर स्लीवलेश ब्लाउज पहन लिया.















