मैं गया और डोर नॉक किया बट कोई आंसर नहीं मिला अंदर से.फिर कुछ देर बाद मैं डोर को ओपन किया और अंदर जा कर पुछा के घर मैं कोई है. XXX Hindi उनकी गांड हर टाइम इधर उधर हिलती ही रहती है और मैं उसको देख कर बस दीवाना हो जाता हूँ. एक दिन मेरी मदर ने कहा के घर में पूजा है तो तुम जा कर आंटी को कह आओ. और मैंने अपना लंड बाहर निकाला और आंटी के मम्मे पकड़ कर उन पर किस किया.तो आंटी ने मुझे पागलो की तरह गले लगा लिया और मुझे किस करने लग गई फिर मैंने आंटी के मम्मे पकड़े और उनको दबाया आंटी के निप्पल काफी बड़े थे नार्मल साइज से. मैं भी फारिग होने लगा तो मैंने अपना लंड बाहर निकाल लिया.और आंटी की फुद्दी के ऊपर ही छूट गया अह्ह्ह्हह्ह, बहुत पानी निकला मेरा और मैं एकदम निढ़ाल हो कर लेट गया. मैं आंटी के पास गया और कहा “ज्यादा पेन हो रहा है क्या.” वो अभी भी बेंड ही हुई थी और उनके मम्मे करीब से और साफ़ नज़र आ रहे थे और उन्होंने ब्रा भी नहीं पहना हुआ था.ये देख कर मेरा लंड एकदम खड़ा हो गया.















