तुम्हारे चूत को पीकर मुझे अपनी प्यास बुझानी है” जन्मेजय ने कहा.इतना कहकर उसने मेरी पैंटी निकाल दी। उसके कुछ देर बाद मेरी चूत पर अपना मुह लगाकर मेरी चूत को पीने लगा। कुछ देर बाद मेरी चूत गीली हो गयी उसके बाद उसने मेरी चूत को चाट चाट कर सारा माल पी लिया। मेरी चूत में वो अपनी जीभ घुसाकर चूत के अंदर का सारा माल चाट कर साफ़ कर दिया।मैने उसे अपनी चूत में ही दबा दिया। उसके कुछ देर बाद अपना सारा कपड़ा निकाल दिया। मैंने उसके लंड को मुठियाते हुए अपना मजा लिया। कुछ देर तक उसके लंड को अपने मुह में रखकर चूसा। मेरी टांगो को फैला दिया। उसके बाद अपने लंड पर थूक लगा दिया। उसके कुछ देर अपना लंड मुठियाते हुए मेरी चूत की तरफ बढ़ा।उसके कुछ देर बाद मेरी चूत में उसने अपना टाइट लंड डालकर चूत की चुदाई करनी शुरू कर दी। मेरी चूत में उसका आधा लंड ही घुसा था कि “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. हिंदी XXX तू इतना सीधा हैं की कोई अपने अंदर का सामान दिखाने लगेगा तो तू अपनी आँखे ही बन्द कर लेगा” मैने उसे ललकारते हुए कहा.उसके अंदर की मर्दानिगी जैसे जाग उठी। वो बहुत ही तेज कड़ाके की आवाज में कहने लगा।“पहले कोई एक मौका तो दे! हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” की आवाज के साथ सम्भोग का पूरा मजा ले रहा था। मै भी अपनी गांड को मटका मटका कर















